देखे होंगे लाखों रंग इस जमाने में तुमने ,
पर तिरंगे के रंगो जैसा कोई रंग नहीं ।
देश तो बहुत है इस विशाल विश्व में ,
पर मेरे हिन्दुस्तान जैसा कोई मुल्क नहीं ।
हिन्दी के इस मुल्क की क्या ख़ास बात कहु ,
हम तो हमारे इस जहां को भारत माँ कहते है ।
बड़ा गुरुर है इस बात का की मैं इस देश में हु।
जहा गाय को माता और भगवान को ग्वाला कहते है ।।
पर तिरंगे के रंगो जैसा कोई रंग नहीं ।
देश तो बहुत है इस विशाल विश्व में ,
पर मेरे हिन्दुस्तान जैसा कोई मुल्क नहीं ।
हिन्दी के इस मुल्क की क्या ख़ास बात कहु ,
हम तो हमारे इस जहां को भारत माँ कहते है ।
बड़ा गुरुर है इस बात का की मैं इस देश में हु।
जहा गाय को माता और भगवान को ग्वाला कहते है ।।


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